पिछले कुछ वर्षों के दौरान भुगतान के डिजिटल तरीकों के उपयोग में काफी वृद्धि हुई है। इससे न केवल ग्राहकों की सुविधा में सुधार हुआ है, बल्कि वित्तीय समावेशन के राष्ट्रीय उद्देश्य की प्राप्ति में भी योगदान मिला है। जैसे-जैसे वित्तीय लेनदेन करने में आसानी हुई, वैसे-वैसे retail financial transactions में धोखाधड़ी की संख्या में वृद्धि हुई है। जालसाज आम और भोले-भाले लोगों की मेहनत की कमाई को ठगने के लिए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, खासकर नए प्रवेशकर्ताओं को जो techno-financial eco-system से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।
इस ब्लॉग को लिखने का एकमात्र उद्देश्य इसके अन्दर वास्तविकता की व्यवहारिक जानकारी को अधिकतम संभव सीमा को समेटना है, विशेष रूप से जो उनके लिए सहायक होगी जो वित्तीय लेनदेन में अनुभवहीन हैं। यह केवल घटनाओं का एक संग्रह नहीं है, जो विभिन्न स्रोतों से random रूप से एकत्र किया गया है, बल्कि बैंकिंग लोकपाल के कार्यालयों में प्राप्त विभिन्न प्रकार की शिकायतों से सावधानीपूर्वक संकलित दस्तावेज है। यह पुस्तिका जालसाजों के तौर-तरीकों के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करने का एक प्रयास है, साथ ही वित्तीय लेनदेन करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में कुछ जानकारी भी प्रदान करती है। यह पुस्तिका किसी की व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने, अज्ञात कॉल/ईमेल से सावधान रहने, वित्तीय लेनदेन करते समय उचित सावधानी बरतने और समय-समय पर सुरक्षित क्रेडेंशियल्स/पासवर्ड बदलने की आवश्यकता पर जोर देती है। इसलिए शीर्षक BE(A)WARE - सावधान रहें और सावधान रहें। यह पुस्तिका इस कार्यालय द्वारा जन जागरूकता पहल का हिस्सा है।